अपराध का पैटर्न: लोगों का विश्वास जीतकर बड़ा बिजनेस करना, फिर ED/GST की छापेमारी का झूठा बहाना बनाकर पूरी पेमेंट हड़प जाना।
अन्य वित्तीय धोखाधड़ी: बैंकों से फर्जी तरीके से लोन लेना, क्रेडिट कार्ड की लिमिट पूरी निकालकर थोड़े पैसे देकर सेटलमेंट करना और ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स से महंगे लैपटॉप/मोबाइल मंगाकर उनकी जगह पुराना/नकली सामान रिटर्न करके फ्रॉड करना इसका पुराना रिकॉर्ड है।
बचाव की पैंतरेबाज़ी: कोई लिखित सबूत न छोड़ना और पैसे मांगने वाले पीड़ित को ही खुदकुशी या जान से मारने की धमकी देकर डराना।
अपराध का पैटर्न: खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताकर ज़मीन के नाम पर ठगी करना और व्यापार में जानबूझकर घाटा (Loss) दिखाकर लोगों के पैसे डूबो देना इसका पुराना काम है।
आपराधिक इतिहास: पहले यह परिवार जींद के ढेढ़े मोहल्ले में रहता था, जहाँ मोहल्ले वाले इसके फ्रॉड और हरकतों से तंग आ चुके थे और उन्होंने इसे वहाँ से निकाल दिया था।
कानून से बचने का तरीका: जब भी किसी फ्रॉड केस में फंसता है, तो अपने स्वर्गीय पिता (जो स्वतंत्रता सेनानी थे) का लाल रंग का ताम्रपत्र पुलिस अधिकारियों को दिखाकर सहानुभूति बटोरता है और कानूनी कार्रवाई से बच निकलता है।
अपराध का पैटर्न: दिल्ली में कागज़ के काम की आड़ में सट्टेबाज़ी और फ्रॉड करना। इसका मुख्य काम अपने भाई और पिता द्वारा किए गए फ्रॉड की झूठी कहानियों को सच साबित करने के लिए बैकएंड प्लानिंग करना है।
हिंसक प्रवृत्ति: साल 2024 में दिल्ली में किसी व्यक्ति के साथ फ्रॉड करने के बाद जब उसने पैसे मांगे, तो उसे तीसरी मंज़िल से नीचे फेंक दिया गया था, जिस कारण करण मित्तल के दोनों पैरों में आज भी रॉड डली हुई हैं
बचाव का तरीका: सरेआम बदमाशी, गुंडागर्दी और धमकियों के दम पर पीड़ितों को चुप कराना।